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नूंह हिंसा पर एक्शन शुरू; 44 FIR, 70 लोग हिरासत में, जानी-माली नुकसान पर मुआवजे का ऐलान, CM मनोहर लाल बोले- बड़ी साजिश रची गई

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने नूंह हिंसा को लेकर हाईलेवल मीटिंग की है। इस मीटिंग में गृह मंत्री अनिल विज के साथ-साथ तमाम पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी रही। मीटिंग में मनोहर लाल ने नूंह हिंसा पर अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी और आगे एक्शन की रणनीति तय की। हाईलेवल मीटिंग के बाद सीएम मनोहर लाल ने कहा कि, नूंह में धार्मिक यात्रा पर पथराव और आगजनी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। हर साल यह यात्रा निकलती है लेकिन इस बार यात्रा में शामिल लोगों और पुलिस पर हमला किया गया। मनोहर लाल ने कहा कि, नूंह में जो हिंसा हुई है वह पूर्ण साजिश का हिस्सा है। नूंह हिंसा को लेकर निश्चित ही बड़ी साजिश रची गई है।

मनोहर लाल ने आगे कहा कि, हिंसा पनपने के बाद तुरंत ही पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्थिति संभालने की कोशिश शुरू कर दी गई थी। नूंह में हिंसा को शांत करने के लिए केंद्र से अर्धसैनिक बलों की कंपनियां भी पहुंची। मनोहर लाल ने बताया कि, अर्धसैनिक बलों की 16 कंपनियां नूंह में पहुंची हुई हैं और स्थिति को काबू में कर रखा है। इसके अलावा हरियाणा की पुलिस फोर्स भी तैनात है। पुलिस के अधिकारी फील्ड पर मोर्चा संभाल रहे हैं। नूंह में एहतियातन कर्फ़्यू लगाया गया है और धारा-144 लागू की गई है। इसके अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में तनावपूर्ण हालातों को शांत कर लिया गया है और करीब से निगरानी रखी जा रही है। गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में भी धारा 144 लगा दी गई है।

नूंह हिंसा में 5 मौत, 44 FIR, 70 लोग हिरासत में

सीएम मनोहर लाल ने बताया कि, नूंह हिंसा में पथराव-आगजनी और गोलीबारी की घटना में 5 लोगों की मौत हुई है। जान गवाने वालों में दो पुलिस कर्मी शामिल हैं जबकि तीन आम नागरिक हैं। मनोहर लाल ने कहा कि, हिंसा में जानी नुकसान के साथ-साथ माली नुकसान भी काफी हुआ है। जानी-माली नुकसान पर सरकार मुआवजा देगी। हालांकि, सीएम ने अभी यह जानकारी नहीं दी कि मुआवजे की राशि कितनी होगी? वहीं मनोहर लाल ने आगे बताया कि, नूंह हिंसा में अब तक करीब 44 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मनोहर लाल ने कहा कि, हिंसा में जो लोग बाहर से शामिल हुए हैं। उनकी पहचान की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्त में ले लिया जाएगा और कार्रवाई होगी। हिंसा में शामिल एक-एक दोषी पर कार्रवाई तय की जाएगी। मनोहर लाल ने अपील की कि, सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी। लोग शांति बनाए रखे।

गृह मंत्री विज ने कहा था- कोई मास्टरमाइंड है

सीएम मनोहर लाल से पहले हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने भी नूंह हिंसा को लेकर साजिश की शंका जताई थी। गृह मंत्री विज ने कहा था- कोई मास्टरमाइंड है और यह हिंसा सुनयोजित तरीके से की गई है क्योंकि हर साल यात्रा निकलती है और कभी ऐसा नहीं हुआ लेकिन इस बार किसी ने जहर घोल दिया। गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि, अधिकारियों को हिंसा के संबंध में गहनता से जांच के आदेश दे दिए गये हैं और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हिंदुओं की धार्मिक बृजमंडल यात्रा के दौरान हुई हिंसा

नूंह में हिंसा उस वक्त हुई जब यहां से सोमवार को हिंदुओं की धार्मिक बृजमंडल यात्रा निकाली जा रही थी। यात्रा में शामिल लोगों पर दूसरे समुदाय की तरफ से अचानक पथराव शुरू हो गया। देखते ही देखते हालात इस कदर बिगड़ गए कि, जमकर पत्थरबाजी हुई और आगजनी की गई। यात्रा में शामिल कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। वहीं कई गाड़ियां पथराव में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त की गईं। पत्थरबाजों ने पुलिस फोर्स पर भी पथराव किया और उनकी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया। पथराव और आगजनी में कई लोग घायल भी हुए हैं। चार से पाँच लोगों के मरने की खबर है।

मोनू मानेसर के चलते बवाल बढ़ा!

बताया जा रहा है कि, इस यात्रा में गोरक्षक मोनू मानेसर ने भी आने का एलान किया था। मोनू द्वारा एक वीडियो जारी किया गया था। जिसमें उसने यात्रा में शामिल रहने की बात कही थी। माना जा रहा है कि, इसी वजह से बवाल और भड़का। ज्ञात रहे कि, मोनू मानेसर दो मुस्लिम युवक नासिर और जुनैद को उनकी गाड़ी के अंदर जिंदा जलाने का आरोपी है। मोनू इस केस में वांटेड है। मोनु को लेकर नूंह में भारी विरोध है। आपको यह भी ज्ञात रहे कि, नूंह मुस्लिम बाहुल्य इलाका है।

बताया जाता है कि, ब्रजमंडल यात्रा एक साल में एक बार निकलती है और हर साल यह नूंह के मंदिरों से होते हुए निकाली जाती है. इस यात्रा में हरियाणा के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों से भी लोग शामिल होते हैं। फिरोजपुर झिरका में इस यात्रा का समापन होता है। इस यात्रा में विश्व हिंदू परिषद, मातृशक्ति दुर्गावाहिनी, बजरंग दल व गौरक्षा दल की मुख्य भूमिका रहती है।

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