उत्तराखण्डराज्य

उत्तराखण्ड में भी टमाटर 200 पार, प्रशासन ने फेरी नजर

ऋषिकेश। बरसात के मौसम में थोक मंडियों में आवक कम होने से यूं तो हर वर्ष ही सब्जियां महंगी हो जाती हैं। मगर, इस बार टमाटर के दाम जिस तरह आसमान पर पहुंचे हैं, उससे आम आदमी की थाली से टमाटर लगभग गायब हो गया है। विगत दिनों जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद टमाटर के बढ़ते दाम पर कुछ अंकुश लगा था।

मगर, प्रशासन के नजर फेरते ही फिर से टमाटर के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। ऋषिकेश में एक बार फिर टमाटर के दाम 240 रुपये तक जा पहुंचे हैं। पिछले करीब एक माह से टमाटर के दाम आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं।

फुटकर मंडी में दाम हैं अलग

फुटकर मंडी में टमाटर के दाम अस्सी रुपये प्रति किलो से बढ़कर 180 और 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंचे तो कृषि विभाग और जिला प्रशासन ने आम आदमी की सुध ली। तब कृषि उत्पादन मंडल समिति ऋषिकेश ने मंडी में ही दो काउंटर लगाकर 50 से 80 रुपये प्रति किलो के हिसाब से टमाटर की बिक्री कर आम आदमी को राहत देने की कोशिश की।

टमाटर 200 से 240 रुपये प्रति किलो बिक रहा टमाटर

वहीं जिला प्रशासन के आदेश के बाद उप जिलाधिकारी, पूति निरीक्षक तथा तहसीलदार की टीम ने टमाटर के मूल्यों को नियंत्रित करने के लिए छापेमारी की। जिसके बाद ऋषिकेश व आसपास क्षेत्र में टमाटर के बढ़ते दामों पर कुछ अंकुश लगा था। मगर, हाल के दिनों में एक बार फिर टमाटर के मूल्य में लगातार वृद्धि हुई है। स्थिति यह है कि सोमवार व मंगलवार को ऋषिकेश के फुटकर बाजार में टमाटर 200 से 240 रुपये प्रति किलो की दर पर बिक्री हुए।

थोक मंडी तक नहीं पहुंच पा रहा टमाटर

दरअसल बरसात के मौसम में तमाम जगह सड़कें खराब होने के कारण थोक मंडी तक ही टमाटर नहीं पहुंच पा रहे हैं। हिमाचल से आने वाले टमाटर की आवक इस बार सबसे अधिक प्रभावित हुई है। जिस वजह से थोक मंडी में ही पर्याप्त मात्रा में टमाटर नहीं पहुंच पा रहा है।

लगातार घट रही है टमाटर की आवक

ऋषिकेश की कृषि उत्पादन मंडी समिति की मानें तो यहां आम दिनों में प्रतिदिन 150-250 क्विंटल तक टमाटर की आवक होती है, जो इन दिनों घटकर 20 से 30 क्विंटल प्रतिदिन हो गई है। ऐसे में मांग के सापेक्ष आपूर्ति कम हो गई है। थोक मंडी में मंगलवार को टमाटर का मूल्य 80 से 140 रुपये प्रति किलो रहा। जबकि फुटकर बाजार में यह मूल्य 200-240 रुपये तक पहुंच गया, जिसको नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से अभी कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

टमाटर की मांग है अधिक

कृषि उत्पादन मंडी समिति में बाहर की मंडियों से जो टमाटर की आवक होती थी, उसमें भारी कमी आई है। इन दिनों बड़ी मुश्किल से 20-30 क्विंटल टमाटर ही मंडी में पहुंच रहा है, जबकि टमाटर की मांग अधिक है। फुटकर मूल्यों पर मंडी समिति का कोई नियंत्रण नहीं है। विनोद कुकरेती, अध्यक्ष कृषि उत्पादन मंडी समिति, ऋषिकेश

फुटकर विक्रेताओं के लिए लगेंगे रेट लिस्ट

टमाटर के दाम को लेकर समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए कृषि उत्पादन मंडी समिति के थोक मूल्य के हिसाब से ही फुटकर मूल्य तय कराने का प्रयास किया जा रहा है। तहसील की ओर से फुटकर विक्रेताओं के लिए रेट लिस्ट लगाने के लिए आदेश जारी किए गए हैं। मूल्य नियंत्रण के लिए गठित टीम को भी सक्रिय किया गया है। यदि कोई इसका उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सौरभ असवाल, उप जिलाधिकारी, ऋषिकेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button